Thursday, May 22, 2014

గణపతి మొహెతుం గతి

              ।  भजन गीत। 
__________________________

 गणपती गणपति - मोहे तुम  गति 
देयि  सुमति -करू मै तेरी स्तुती ॥ गणपति ॥ 

तुम बिना।।।।।  क़ाज नहीं होना
मै ने नहीं जाना , मै  मूरख था ना ॥ तुम ॥ 

लम्बोदर ना ना  , रूठ ना जाना 
मोदके लाना  , प्रेम से तुम खाना  ॥ लंबोदर ॥ 
________________________________
________________________________

भजो राधे -गोविंद -भजो 
जसोदा  के  नन्द। .... 
देवकी नन्द-नन्दन 
गोपाला। हे  … ॥ भजो ॥ 

हरी राधा के अंग  -,
गोपिकावों  के संग 
रास-लीला रचे 
ब्रिज-बाला  हां ....... ॥ भजो ॥ 

मोर -मुकुटंन के धार  , कान्हा 
माखन का चोर , मेरा 
जीवन का डोर  , गोपाला 

प्रभु दीनजन -बंधु  , सबका 
दुःख करे भांग , जग में 
माया के रंग , गोपाला। … 

जग में माया के रंग 
गोपाला…  हां   ॥। भजो ॥ 
__________________________
__________________________

नाचे नाचे रे गणपती 
नंदलाला  हे नंदलाला 
तूही  चल जल्दी छोड़ 
दूध के प्याला… 

पावों  मे  घुंगरू  
कद से छोटे गुरू 
छोटी छोटीसी नैनन के 
गज मुख बाला ॥ नाचे ॥ 

मूषक जी निकल पड़े 
सज-धज के ,  राय 
गणपति  कि नाचन में 
ढोल बजाने… 

ना शक- संकोच बिना 
फन  को  फैलाके 
काला नाग चली नागिन संग 
पुंगी  बजाने। … 

आया है चाँद , प्यारी 
सखियों  के संग 
सब सितारों ने चमक लाई 
आँगन में  ॥ नाचे ॥ 

सोनेकी थाली में 
सूंढ़ घुमाके  ……… 
चलें  गणपती स्फूर्ती से 
लड्डु  चुराने । .... 

घन-काया  ,गण-राया 
चुप के छुपाके। … 
भागें  भक्तों की  थालिमे -
मोदक को चुराके…। 

नाच ने की ढंग 
बालपन की ये रंग 
प्यारा - प्यारा सा लगेरे 
सब के नयनन  को   ॥ नाचे ॥ 

चोरी के मामले में 
तूभी क्या कम … 
हमरि नजरों  में दोनोंकी 
कारनामें  सम। .... 

हारे है हम पूरे 
शहर , पूरा गाँव 
नन्द -लाला और गणपती कि 
देख बालपन… 

नट-खट प्यारे 
नन्द लाला न्यारे 
बाळ  गणराया तुमरि साया 
चाहेरे हरदम  ॥  नाचे ॥ 
_____________________
_____________________













No comments:

Post a Comment